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दिल्ली में 4.2 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सुलझा

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स्वदेश प्रेम/दिल्ली

दिल्ली पुलिस की साइबर शाखा ने 4.2 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले को सुलझाते हुए एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपी नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका और नेपाल के मूल निवासी हैं। इनके कब्जे से 15 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं, जो अपराध में इस्तेमाल किए गए थे।

घटना का विवरण

यह मामला तब सामने आया जब दिल्ली के करताल नगर निवासी शुभम लखेड़ा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनके पिता को एक महिला ने फेसबुक पर संपर्क किया और खुद को लंदन निवासी “रोज विलियम्स” बताया। दोनों के बीच व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू हुई। महिला ने भरोसा जीतने के लिए खुद के भारत आने और एक एयर टिकट की जानकारी भी साझा की।

26 सितंबर, 2024 को महिला के कथित भारत आगमन के दिन, शुभम के पिता को भारतीय मोबाइल नंबरों से फोन कॉल आए। कॉल करने वालों ने खुद को कस्टम अधिकारी और एयरपोर्ट स्टाफ बताया। उन्होंने कहा कि महिला को मुंबई एयरपोर्ट पर पांच लाख पाउंड से अधिक नकदी के साथ पकड़ा गया है, और उसे छोड़ने के लिए 68,000 रुपये की जरूरत है।

इसके बाद, एक अन्य कॉल में एक व्यक्ति ने खुद को आरबीआई अधिकारी बताकर और पैसे मांगे। लगातार दबाव और झूठी बातों के आधार पर, शुभम के पिता ने कुल 4.18 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में धोखेबाजों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।

जांच और गिरफ्तारी

शिकायत के बाद, पुलिस स्टेशन साइबर शाखा ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें इंस्पेक्टर विजय कुमार, एसआई मोहित कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। तकनीकी निगरानी और डिजिटल सबूतों के आधार पर, पुलिस ने आरोपियों का पता लगाया। दक्षिण दिल्ली में छापेमारी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

1.उचे स्टीफन, निवासी ओनिटशा, नाइजीरिया, उम्र 35 वर्ष।

2.रोडा जेनिविव अकुम, निवासी कुम्बा, कैमरून (दक्षिण अफ्रीका), उम्र 25 वर्ष।

3.रूबी, निवासी काठमांडू, नेपाल, उम्र 35 वर्ष।

मोडस ऑपरेंडी

आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (जैसे फेसबुक) के जरिए पुरुषों को निशाना बनाते थे। एक महिला बनकर, वे उन्हें दोस्ती का प्रस्ताव भेजते और व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू करते। इसके बाद महिला भारत आने की बात कहती और भरोसे के लिए एयर टिकट साझा करती।

फिर, कथित आगमन के दिन, अन्य आरोपी एयरपोर्ट स्टाफ, कस्टम अधिकारी या आरबीआई अधिकारी बनकर कॉल करते और पैसे मांगते। डर और दबाव के कारण, पीड़ित बड़ी रकम धोखेबाजों के खातों में ट्रांसफर कर देते।

बरामद सामान

•15 मोबाइल फोन

•1 लैपटॉप

•12 सिम कार्ड

पुलिस की जांच अभी भी जारी है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर से साइबर अपराधियों के जाल से सावधान रहने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

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