दिल्ली

सरकार से गरीबों को मकान दिलाने की पहल में जुटी अखिल भारतीय मानव न्याय समिति

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झुग्गी-झोपड़ी निवासियों और किरायेदारों के लिए ठोस आवास नीति की माँग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

नई दिल्ली, उस्मानपुर।

अखिल भारतीय मानव न्याय समिति द्वारा संचालित “श्री गरीब झुग्गी-झोपड़ी आवास योजना” के तहत उस्मानपुर क्षेत्र में एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों, किरायेदारों और शहरी गरीबों को पक्के मकान दिलवाने हेतु सरकार से ठोस कदम उठाने की माँग की गई।

इस अवसर पर समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्वांचल मोर्चा भाजपा, दिल्ली से जुड़े महेन्द्र पासवान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं बैठक की अध्यक्षता नव नियुक्त महासचिव व प्रदेश प्रभारी आर. डब्बू (ए. प्रकोष्ठ भाजपा) ने की। संस्था के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अजीत दहिया ने भी बैठक में शिरकत की।

महेंद्र पासवान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि – “राजधानी दिल्ली में करीब 70% आबादी गरीब तबके से आती है, लेकिन उनके लिए कोई ठोस आवास नीति नहीं बनाई गई। सरकार यदि चाहे तो यमुना खादर क्षेत्र सहित दिल्ली के अन्य इलाकों में मौजूद खाली ज़मीन पर ऊंची इमारतें बनाकर शहरी गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध करा सकती है, जैसा कि अन्य देशों में नदियों के किनारे किया जाता है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 में केजरीवाल सरकार ने स्वयं समिति के मंच से वादा किया था कि झुग्गी-झोपड़ी और किरायेदारों को मकान उपलब्ध कराए जाएंगे, लेकिन आज तक उस वादे पर कोई अमल नहीं हुआ।

महेंद्र पासवान ने कहा कि उनकी समिति बीते 11 वर्षों से लगातार शहरी गरीबों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है। केंद्र सरकार को कई ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं और अब भाजपा की नई सरकार बनने के बाद उम्मीद है कि गरीबों को उनका हक मिलेगा।

सभा में मौजूद वक्ताओं ने चेताया कि यदि सरकार ने शीघ्र कोई ठोस योजना नहीं बनाई तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा। संस्था ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से आग्रह किया है कि वे इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएँ।

बैठक में राजकुमार गुप्ता, अजीत दहिया, और अन्य पदाधिकारी व स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। समिति जल्द ही प्रभावित परिवारों का व्यापक सर्वे शुरू करेगी, ताकि वास्तविक पात्रों की सूची तैयार कर उन्हें सरकार तक पहुँचाया जा सके।

रिपोर्ट: संपादक शान मोहम्मद सिद्दीकी

 

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