गाजियाबाद: सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट हेतु भूमि हस्तांतरण पर आपत्ति, जिला पंचायत अध्यक्ष ने लिखी चिट्ठी
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गौरव राय / स्वदेश प्रेम
गाजियाबाद।
ग्राम मीरपुर हिन्दू, तहसील लोनी क्षेत्र में प्रस्तावित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए 8.2650 हेक्टेयर भूमि गाजियाबाद नगर निगम को हस्तांतरित किए जाने के निर्णय का विरोध शुरू हो गया है। जिला पंचायत गाजियाबाद की अध्यक्ष ममता बसंत त्यागी ने इस संबंध में शहरी विकास मंत्री ए.के. शर्मा को पत्र लिखकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है।
पत्र में कहा गया है कि यह भूमि वैज्ञानिक दृष्टि से क्लस्टर वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट हेतु अनुपयुक्त है। यहाँ की आबादी पहले से ही प्रदूषण, गंदगी और बदबू जैसी समस्याओं से जूझ रही है। स्थानीय लोगों ने बार-बार इस विरोध को दर्ज कराया है, क्योंकि इस इलाके की जनता पहले से ही दूषित जल, प्रदूषित वातावरण और गंदगी से परेशान है।
ममता बसंत त्यागी ने लिखा है कि यदि यहाँ कचरा प्लांट बनाया गया तो लोनी क्षेत्र की बड़ी आबादी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकती है। इससे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा खतरा होगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है, जहाँ प्रतिदिन करीब 100-150 ट्रक कचरा आने से यातायात और प्रदूषण दोनों की स्थिति और बिगड़ जाएगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने सरकार से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की है ताकि लोनी क्षेत्र की जनता को प्रदूषण और बीमारियों से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जनता के जीवन-मरण से जुड़ा हुआ है और इसे लागू करना जनविरोधी कदम साबित होगा।
