स्वदेश प्रेम, रमजान अली, गोंडा।
गोंडा के रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में 24 अप्रैल 2026 को दीक्षांत परेड से पूर्व एक अत्यंत गरिमामय, भावनात्मक और उत्साहपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रिक्रूट आरक्षियों के कठोर, अनुशासित और समर्पित प्रशिक्षण के सफल समापन के उपलक्ष्य में “सांस्कृतिक संध्या” एवं परंपरागत “बड़ा खाना” कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को उल्लास और आत्मीयता से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र, गोंडा श्री अमित पाठक, जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन एवं पुलिस अधीक्षक गोंडा श्री विनीत जायसवाल द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप की ज्योति के साथ ही कार्यक्रम में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ और सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत हुई।
रिक्रूट आरक्षियों ने अपने हुनर का शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभक्ति, सामाजिक समरसता और पुलिस सेवा के मूल्यों पर आधारित विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। उनके जोश, आत्मविश्वास और प्रतिभा ने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके पश्चात आयोजित “बड़ा खाना” कार्यक्रम ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने रिक्रूट आरक्षियों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद किया, उनके अनुभव जाने और करीब 9 माह के कठिन प्रशिक्षण की सराहना की। अधिकारियों ने उन्हें भविष्य में अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और अनुशासन के साथ करने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम की सबसे भावुक और प्रेरणादायक झलक तब देखने को मिली, जब अधिकारियों ने स्वयं अपने हाथों से रिक्रूट आरक्षियों को भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर भोजन किया। इस स्नेहपूर्ण व्यवहार ने जवानों के मनोबल को नई ऊंचाई दी और पूरे परिसर में आत्मीयता, सम्मान और एकता का अद्भुत माहौल बना दिया।
इस अवसर पर अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए पुलिस सेवा की गरिमा, कर्तव्यपरायणता और जनसेवा के मूल मंत्र को सदैव सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह रिक्रूट आरक्षी शीघ्र ही पासिंग आउट परेड में सम्मिलित होकर उत्तर प्रदेश पुलिस का अभिन्न हिस्सा बनेंगे और समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
यह आयोजन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि पुलिस परिवार के भीतर आपसी विश्वास, सहयोग और समर्पण की भावना को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम साबित हुआ—जहां अनुशासन के साथ संवेदनशीलता और कर्तव्य के साथ अपनापन भी साफ झलकता है।
