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पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप, पीड़ित ने थाना प्रभारी को दिया प्रार्थना पत्र

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स्वदेश प्रेम / शोएब इदरीशी

मुरादाबाद। थाना कांठ क्षेत्र के अंतर्गत गुलफाम राजा नामक व्यक्ति ने पुलिस पर उत्पीड़न और जबरन गिरफ्तारी का आरोप लगाते हुए थाना प्रभारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि वह 09 फरवरी 2025 को एक विवाह समारोह में गया था, तभी पुलिस की गाड़ी वहां पहुंची और उसे बुलाकर बिना किसी कारण के जबरन गाड़ी में डालकर गिरफ्तार कर लिया।

क्या है पूरा मामला?

गुलफाम राजा के अनुसार, वह सुबह करीब 3 बजे मटो फरिश्ता पुर, ग्राम नयागांव कासमपुर, थाना कांठ, जिला मुरादाबाद में एक शादी समारोह में मौजूद था। उसी समय पुलिस की एक गाड़ी वहां आई और उसे बुलाया गया। पीड़ित के अनुसार, उसने अपना परिचय दिया कि वह एक जिम्मेदार और सामाजिक व्यक्ति है तथा किसी भी गलत गतिविधि में शामिल नहीं है।

लेकिन इसके बावजूद, पुलिस ने उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया और थाने ले जाकर गलत तरीके से उत्पीड़न किया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे किसी अपराधी की तरह पेश किया, जबकि उसने कोई अपराध नहीं किया था।

पुलिस पर गंभीर आरोप

गुलफाम राजा ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उसने कोई अपराध किया होता, तो उसे उचित प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया जाता। लेकिन पुलिस ने उसे बिना किसी ठोस कारण के जबरन उठाया। इतना ही नहीं, जब उसने अपनी गिरफ्तारी का विरोध किया, तो पुलिस वालों ने उसे झूठे केस में फंसाने और “सीधा एनकाउंटर” करने की धमकी दी।

प्रार्थना पत्र में की गई मांग

गुलफाम राजा ने थाना प्रभारी से मुकदमा दर्ज कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने पुलिस पर अन्याय और गलत तरीके से गिरफ्तार करने का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

क्या कहती है पुलिस?

इस मामले पर अभी तक पुलिस प्रशासन का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

निष्कर्ष

इस तरह की घटनाएं आम जनता के बीच पुलिस प्रशासन की छवि को धूमिल करती हैं। यदि कोई व्यक्ति निर्दोष है, तो उसे इस प्रकार जबरन गिरफ्तार करना और उत्पीड़न करना कानून के विरुद्ध है। प्रशासन को इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आम जनता का कानून व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।

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