March 9, 2026

svadeshprem.com

My WordPress Blog

दिल्ली के होनहार बेटे अंशुल सिंह का कमाल संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा में 873वीं रैंक हासिल कर बढ़ाया परिवार और क्षेत्र का मान

1 min read
Spread the love

गौरव राय / स्वदेश प्रेम न्यूज

नई दिल्ली: कड़ी मेहनत, अटूट लगन और मजबूत इरादों के दम पर दिल्ली के होनहार युवा अंशुल सिंह ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन (संघ लोक सेवा आयोग) की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए अखिल भारतीय स्तर पर 873वीं रैंक प्राप्त की है। अंशुल की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि शिक्षकों, मित्रों और पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है।

25 वर्षीय अंशुल सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल श्रेष्ठ विहार दिल्ली से प्राप्त की। बचपन से ही मेधावी छात्र रहे अंशुल ने पढ़ाई में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने 12वीं कक्षा में 97.2 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स एंड कमर्स यूनिवर्सिटी ऑफ़ दिल्ली से पत्रकारिता (सम्मान पाठ्यक्रम) में स्नातक की डिग्री प्राप्त की।

उच्च शिक्षा के लिए अंशुल ने जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित ए.जे.के. मास कम्युनिकेशन से संयुक्त पत्रकारिता (कन्वर्जेंट जर्नलिज्म) में परास्नातक की पढ़ाई की, जिसे उन्होंने प्रथम श्रेणी और विशिष्टता के साथ पूरा किया।

अंशुल केवल पढ़ाई तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि वे विभिन्न बौद्धिक और नेतृत्व से जुड़ी गतिविधियों में भी सक्रिय रहे। उन्हें श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स में आयोजित मॉडल संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि का सम्मान मिला। इसके अलावा हंसराज कॉलेज में आयोजित भारतीय युवा संसद में भी उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि चुना गया। राष्ट्रीय स्तर की अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ वक्ता का खिताब भी उन्होंने अपने नाम किया। वे अपने महाविद्यालय की वाद-विवाद समिति के सक्रिय सदस्य रहे और विश्वविद्यालय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

परिवार की बात करें तो अंशुल सिंह एक शिक्षित और प्रेरणादायक परिवार से आते हैं। उनकी माता ऊषा सिंह दिल्ली सरकार के विद्यालय में गणित विषय की अध्यापिका (प्रवक्ता) के पद पर कार्यरत हैं। वहीं उनके पिता डॉ जसवंत सिंह दिल्ली नगर निगम के स्वामी दयानंद अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं और एक प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में भी अपनी पहचान रखते हैं। अंशुल के छोटे भाई वर्तमान में दिल्ली से चिकित्सा स्नातक (एमबीबीएस) के अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं।

अंशुल की इस उपलब्धि से पूरे इलाके में गर्व और उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों और शिक्षकों का कहना है कि अंशुल की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी मेहनत और समर्पण यह साबित करते हैं कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और लगन सच्ची हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती।

अंशुल सिंह की यह सफलता उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणादायक है जो देश सेवा का सपना लेकर कठिन परिश्रम कर रहे हैं। उनकी उपलब्धि ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.