दिल्ली

बिंदापुर थाना पुलिस की बड़ी सफलता: 250 से अधिक CCTV खंगाल कर दो स्नैचर गिरफ्तार, टूटी सोने की चेन बरामद

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स्वदेश प्रेम / शान मोहम्मद सिद्दीकी
दिनांक: 13 अप्रैल 2026, सोमवार

नई दिल्ली। द्वारका जिले के थाना बिंदापुर की क्रैक टीम ने शानदार पुलिसिंग का परिचय देते हुए स्नैचिंग के एक मामले का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छीनी गई सोने की चेन का आधा हिस्सा और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी बरामद की है।

स्कूल से लौट रही छात्रा से हुई थी स्नैचिंग

मामले के अनुसार, 28 मार्च 2026 को ध्वनि शर्मा नामक छात्रा जब स्कूल से अपने घर लौट रही थी, तभी उत्तम नगर वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास दो बाइक सवार बदमाशों ने पीछे से आकर उसकी सोने की चेन झपट ली। झपटमारी के दौरान चेन टूट गई, जिसमें आधा हिस्सा पीड़िता के पास रह गया, जबकि बाकी हिस्सा आरोपी लेकर फरार हो गए।

इस संबंध में पीड़िता के बयान पर थाना बिंदापुर में एफआईआर संख्या 174/26 के तहत मामला दर्ज किया गया।

250 से अधिक CCTV कैमरों की जांच से मिला सुराग

मामले को सुलझाने के लिए थाना बिंदापुर की एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें हेड कांस्टेबल नीरज, हेड कांस्टेबल नरेंद्र, हेड कांस्टेबल दीपक, कांस्टेबल राजेश डागर और कांस्टेबल आशीष शामिल थे। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की गहन जांच की।

लगातार प्रयास करते हुए पुलिस ने 250 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर एक HF डीलक्स मोटरसाइकिल और दो संदिग्ध युवकों की पहचान की गई।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार, साथी भी दबोचा गया

तकनीकी विश्लेषण और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने पहले आरोपी चंदन (36 वर्ष), निवासी बक्करवाला, रणहोला को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने साथी रोहन सेठ (22 वर्ष), निवासी निहाल विहार का नाम उजागर किया।

इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर रोहन सेठ को भी गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से चोरी की सोने की चेन का आधा हिस्सा बरामद किया।

आर्थिक तंगी बनी अपराध की वजह

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे बेरोजगार थे और घरेलू खर्च व कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया।

बरामदगी और आगे की जांच

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आधी सोने की चेन और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

द्वारका पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि अपराधियों को पकड़ने के लिए तकनीक और टीमवर्क का सही उपयोग कितना प्रभावी हो सकता है।

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