साइबर ठगी और डिजिटल सुरक्षा
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स्वदेश प्रेम / मोहद आरिश
डिजिटल इंडिया के दौर में जहां ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, सरकारी पोर्टल और सोशल मीडिया ने जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर ठगी एक गंभीर चुनौती बनकर उभरी है। आज ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी लिंक, ओटीपी ठगी और फेक कॉल्स के कारण आम नागरिकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ठग खुद को बैंक कर्मचारी, सरकारी अधिकारी या कस्टमर केयर बताकर लोगों को भ्रमित करते हैं और उनकी निजी जानकारी हासिल कर लेते हैं।
सबसे आम तरीका फर्जी लिंक भेजना है। ये लिंक बैंक के केवाईसी अपडेट, इनाम जीतने या अकाउंट ब्लॉक होने जैसे संदेशों के साथ आते हैं। जैसे ही व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है, उसकी जानकारी ठगों तक पहुंच जाती है। इसी तरह ओटीपी ठगी में ठग किसी बहाने से ओटीपी मांगते हैं, जबकि बैंक या सरकारी एजेंसी कभी भी ओटीपी फोन पर नहीं मांगती। फेक कॉल्स के जरिए लोगों को डराया जाता है कि उनका अकाउंट बंद हो जाएगा या
