दिल्ली

‘नो गन्स, नो गैंग्स’: द्वारका स्पेशल स्टाफ की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात बदमाश देसी पिस्टल के साथ गिरफ्तार

शेयर करें:
Spread the love

स्वदेश प्रेम / शान मोहम्मद सिद्दीकी
दिनांक: 04 अप्रैल 2026, शनिवार

नई दिल्ली। द्वारका जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने अवैध हथियारों के खिलाफ सख्त अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान विपिन उर्फ रिंकू उर्फ बोना (उम्र 28 वर्ष) के रूप में हुई है, जो थाना रणहौला का घोषित बदमाश (BC) और एक्सटर्नी भी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले से ही चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट के कुल 16 मामलों में शामिल रहा है।

स्पेशल टीम ने चलाया विशेष अभियान

द्वारका जिला के डीसीपी के निर्देश पर स्पेशल स्टाफ की टीमों को अवैध हथियार रखने और सप्लाई करने वाले अपराधियों पर नजर रखने के लिए विशेष रूप से सक्रिय किया गया था। इसी क्रम में इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसमें एएसआई विजय, एएसआई राजेंद्र, हेड कांस्टेबल देव प्रकाश और कांस्टेबल प्रविंदर शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसीपी ऑपरेशन, द्वारका की निगरानी में की गई।

गुप्त सूचना पर दबिश, आरोपी गिरफ्तार

लगातार प्रयासों के बाद 31 मार्च 2026 को टीम को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा गया। तलाशी के दौरान उसके पास से .315 बोर की एक देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।

इस संबंध में थाना द्वारका नॉर्थ में एफआईआर संख्या 98/2026, धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे

पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह थाना रणहौला का घोषित बदमाश है और पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। उसने यह भी कबूल किया कि जल्दी और आसान पैसे कमाने तथा नशे की आदत को पूरा करने के लिए वह अपराध की दुनिया में सक्रिय हुआ।

साधारण परिवार से, नशे ने बनाया अपराधी

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी एक साधारण परिवार से आता है। उसका पिता ड्राइवर है, जबकि मां गृहिणी हैं। वह पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है और नशे की लत के कारण अपराध की राह पर चल पड़ा।

हथियार के स्रोत की तलाश जारी

फिलहाल पुलिस अवैध हथियार के स्रोत का पता लगाने में जुटी है और इस मामले में आगे की जांच जारी है। द्वारका पुलिस ने स्पष्ट किया है कि “नो गन्स, नो गैंग्स” अभियान के तहत इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

आगे क्या पढ़ें AI

अपनी राय रखें