Jamia Millia Islamia परिसर में हज 2026 ट्रेनिंग सम्पन्न, ऐप, लॉजिस्टिक्स और अरकान-ए-हज की दी गई विस्तृत जानकारी
शान मोहम्मद सिद्दीकी / स्वदेश प्रेम
नई दिल्ली। Delhi State Haj Committee की ओर से हज 2026 पर जाने वाले यात्रियों के लिए दक्षिण-पूर्वी दिल्ली क्षेत्र के आज़मीन-ए-हज हेतु विशेष प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण Jamia Senior Secondary School में सम्पन्न हुआ, जिसमें कुल 201 आज़मीन-ए-हज ने भाग लेकर हज यात्रा से जुड़ी आवश्यक जानकारियाँ प्राप्त कीं। कार्यक्रम का उद्देश्य यात्रियों को हज यात्रा के प्रत्येक चरण से पहले पूरी तरह तैयार करना और उन्हें व्यावहारिक व धार्मिक मार्गदर्शन प्रदान करना रहा।
हज ट्रेनर अनवर खुर्शीद ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण के दौरान यात्रियों को हज सुविधा ऐप, नुसूक ऐप तथा स्मार्ट घड़ी के उपयोग के बारे में विस्तार से समझाया गया। विशेष रूप से नुसूक ऐप, जो Saudi Arabia सरकार से संबंधित है, उसके माध्यम से रियाज़-उल-जन्ना के अपॉइंटमेंट लेने की प्रक्रिया बताई गई। साथ ही सऊदी मोबाइल सिम, संचार व्यवस्था और यात्रा के दौरान आवश्यक डिजिटल सुविधाओं की भी विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि यात्रियों को विदेश में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशिक्षण में हज के पाँच महत्वपूर्ण दिनों — मीना, अरफ़ात, मुज़दलिफ़ा और जमरात — के बारे में तफ़सील से बताया गया, जहाँ हज के मुख्य अरकान अदा किए जाते हैं। मुफ़्ती हिशामुद्दीन ने हज और उमराह के अरकान को इस्लामी दृष्टिकोण से समझाते हुए धार्मिक सावधानियों और सही अमल पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि हज एक अत्यंत अनुशासित इबादत है, जिसमें छोटी-सी गलती से भी बचना आवश्यक है।
लॉजिस्टिक्स और व्यवस्थाओं के संबंध में हज ट्रेनर अनवर खुर्शीद और राणा अनवर ने प्रोजेक्टर के माध्यम से Haj Committee of India तथा Saudi Arabia में उपलब्ध व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने रहने, आने-जाने, समूह प्रबंधन, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियाँ तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर Jamia Millia Islamia के रजिस्ट्रार प्रोफेसर मोहम्मद महताब आलम रिज़वी, Delhi State Haj Committee के ईओ अशफ़ाक़ आरफ़ी तथा Jamia Senior Secondary School के प्रिंसिपल डॉ. अरशद खान ने भी अपने अनुभव हाजियों के साथ साझा किए। सभी वक्ताओं ने धैर्य, अनुशासन, साफ़ नीयत और आपसी सहयोग को सफल हज यात्रा की बुनियाद बताया।
आयोजकों ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हाजी पूरी तैयारी के साथ जाएँ और किसी प्रकार की त्रुटि न हो, क्योंकि हज के दौरान छोटी गलती पर भी धार्मिक दायित्व (दम) लागू हो सकता है। प्रशिक्षण शिविर को अत्यंत उपयोगी, शिक्षाप्रद और मार्गदर्शक बताते हुए प्रतिभागियों ने भी इसकी सराहना की।
