दिनांक: 18.04.2026 (शनिवार)
(स्वदेश प्रेम / शान मोहम्मद सिद्दीकी)
नई दिल्ली। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के थाना आईपी एस्टेट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1.03 किलोग्राम इंपोर्टेड हाइड्रोपोनिक गांजा (OG) और ₹4 लाख नकद बरामद किए हैं, जिसकी बाजार कीमत ₹25 लाख से अधिक बताई जा रही है।
सूचना पर त्वरित कार्रवाई
14 अप्रैल 2026 को एएसआई राजकुमार गिरी को जी.बी. पंत अस्पताल के पास एक गुप्त सूचना मिली कि सुबह करीब 4 बजे दो युवक पल्सर मोटरसाइकिल पर MAMC कैंपस, बीएसजेड मार्ग के पास किसी तीसरे व्यक्ति को विदेशी गांजा सप्लाई करने आएंगे। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम और ऑपरेशन
एसआई दीपक पंवार, एएसआई राजकुमार गिरी, एचसी अमित, कांस्टेबल कैलाश, राहुल और एचसी रणविजय की टीम ने मौके पर घेराबंदी की। सुबह करीब 4:10 बजे दो युवक मोटरसाइकिल पर पहुंचे और थोड़ी देर बाद एक अन्य व्यक्ति स्कूटी से वहां आया। जैसे ही उनके बीच नकद और संदिग्ध पैकेट का लेन-देन हुआ, पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों को दबोच लिया।
क्राइम टीम और एफएसएल को मौके पर बुलाकर साक्ष्य एकत्र किए गए। बरामद मादक पदार्थ की पहचान इंपोर्टेड हाइड्रोपोनिक गांजा (OG) के रूप में हुई, जो थाईलैंड से लाया गया था।
कानूनी कार्रवाई
इस संबंध में थाना आईपी एस्टेट में FIR नंबर 165/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20/25/28/29 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
गिरफ्तार आरोपी
- फैजान रिज़वी (24 वर्ष), निवासी मेरठ, उत्तर प्रदेश
- रियाजुद्दीन (44 वर्ष), निवासी दरियागंज, दिल्ली
- नदीम बेग (42 वर्ष), निवासी शाहीन बाग, दिल्ली
बरामदगी
- दो वैक्यूम-सील पैकेट इंपोर्टेड हाइड्रोपोनिक गांजा (515 ग्राम व 515.5 ग्राम)
- कुल वजन: 1030.5 ग्राम
- ₹4,00,000 नकद (₹500 के 800 नोट)
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा
पूछताछ और तकनीकी जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी एक संगठित अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का हिस्सा हैं। इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड शुएब रिज़वी उर्फ ‘ज़ेन’ है, जो मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और वर्तमान में बैंकॉक (थाईलैंड) से ऑपरेट कर रहा है।
जांच में यह भी सामने आया कि:
- नेटवर्क के सदस्य थाईलैंड से गांजा भारत लाने के लिए “म्यूल्स” का इस्तेमाल करते थे
- आरोपी इंटरनेशनल व्हाट्सऐप नंबर और बर्नर फोन का इस्तेमाल कर पुलिस से बचते थे
- दिल्ली सहित कई शहरों में सप्लाई और वितरण का जाल फैला हुआ है
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मोरादाबाद और मुजफ्फरनगर में कई ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन मुख्य आरोपी विदेश फरार मिला। इमिग्रेशन रिकॉर्ड के आधार पर उसकी लोकेशन की पुष्टि कर ली गई है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
