दिनांक: 27 अप्रैल 2026
रिपोर्ट: शान मोहम्मद सिद्दीकी
नई दिल्ली: पूर्वी जिला पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मेरठ (उत्तर प्रदेश) का मुख्य सप्लायर भी शामिल है। पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध हथियार, कारतूस और एक कार बरामद की है।
🔸 खुफिया सूचना से मिली सफलता
पुलिस को सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और तकनीकी निगरानी के जरिए इन आरोपियों की गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद टीम ने रणनीति बनाकर जाल बिछाया और संदिग्धों को वारदात से पहले ही दबोच लिया।
🔸 ऐसे पकड़े गए आरोपी
23 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली कि कुछ बदमाश अवैध हथियारों के साथ गाजीपुर इलाके में कार से आने वाले हैं। सूचना के आधार पर टीम ने CRPF रेड लाइट के पास घेराबंदी की और एक कार को रोककर उसमें सवार दो आरोपियों—बाबू उर्फ मुरदारी और राज कुमार—को पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान उनके पास से एक पिस्टल, कारतूस और चाकू बरामद हुए। इसके बाद दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।
🔸 सप्लायर तक पहुंची पुलिस
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे हथियार मेरठ निवासी परविंदर से लाते थे। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के दादरी और मेरठ में छापेमारी की।
दादरी स्थित एक ठिकाने से अतिरिक्त हथियार और कारतूस बरामद किए गए, जबकि मेरठ में कार्रवाई कर मुख्य सप्लायर परविंदर को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर और हथियार भी बरामद किए गए।
🔸 बरामदगी
- 2 ऑटोमैटिक पिस्टल
- 3 देसी कट्टे
- 16 जिंदा कारतूस
- 3 चाकू
- एक कार (मारुति ब्रेजा)
🔸 आरोपियों का प्रोफाइल
तीनों आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं, जबकि मुख्य सप्लायर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दिल्ली में हथियार सप्लाई करता था। पुलिस के अनुसार, यह गैंग दिल्ली और आसपास के इलाकों में अपराध को बढ़ावा देने में सक्रिय था।
🔸 आगे की कार्रवाई
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और सप्लाई चेन को पूरी तरह खत्म करने के लिए जांच जारी है।
