स्वदेश प्रेम/दिल्ली
शान मोहम्मद सिद्दीकी
नई दिल्ली। शनिवार शाम नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 20 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मृतकों में 3 बच्चे भी शामिल हैं। घायलों को लोक नायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
महाकुंभ के कारण स्टेशन पर भारी भीड़
यह भगदड़ प्रयागराज जाने वाली तीन ट्रेनों की देरी के कारण हुई। हजारों यात्री प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 पर एकत्रित हो गए थे, जिससे वहां दम घुटने और धक्का-मुक्की के कारण भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ के कारण कई लोग बेहोश हो गए और देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई।
रेलवे और प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है। भीड़ को कम करने के लिए प्रयागराज के लिए चार विशेष ट्रेनें चलाई गई हैं।
रेलवे के पीआरओ दिलीप कुमार ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर अचानक भीड़ बढ़ने के कारण कुछ यात्री बेहोश हो गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है।
एलजी और पुलिस प्रशासन की ओर से निर्देश
दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त को स्थिति संभालने के निर्देश दिए हैं। सभी अस्पतालों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों ने रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना टिकट यात्री पहले से ही ट्रेनों में कब्जा जमाए बैठे थे, जिससे कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को चढ़ने में दिक्कत हुई। भीड़ बढ़ने के कारण भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
रेलवे ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश
रेलवे ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इस घटना ने रेलवे स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या हो सकते हैं भविष्य के उपाय?
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए—
✔ भीड़ नियंत्रण के सख्त नियमों का पालन हो।
✔ प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की सीमित संख्या को ही प्रवेश दिया जाए।
✔ समय-समय पर रेलवे स्टेशनों पर मॉक ड्रिल कराई जाए।
✔ ट्रेनों की समय पर आवाजाही सुनिश्चित हो, जिससे यात्रियों की भीड़ न बढ़े।
इस घटना ने रेलवे प्रबंधन को एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है। जरूरत है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
आप क्या सोचते हैं?
इस घटना को लेकर स्वदेश प्रेम न्यूज़ आपके विचार जानना चाहता है। क्या रेलवे प्रशासन को भीड़ नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं।
