स्वदेश प्रेम / दिल्ली
प्रधान संपादक : शान मोहम्मद सिद्दीकी
नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम जिले की किशनगढ़ थाना पुलिस और एंटी बर्गलरी सेल की संयुक्त टीम ने एक कुख्यात चोर और डकैत शिराज अली शेख उर्फ हाफिजुल शेख को गिरफ्तार किया है। आरोपी पहले से ही 41 आपराधिक मामलों में संलिप्त रह चुका है। पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
गिरफ्तारी कैसे हुई?
किशनगढ़ इलाके में चोरी और डकैती की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए थाना प्रभारी निरीक्षक श्री निवास के नेतृत्व में और एसीपी रणबीर सिंह की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई थी। 18 मार्च की रात जब पुलिस की टीम कटवारिया सराय के पास बाबा बालकनाथ, संजय वन क्षेत्र में गश्त कर रही थी, तभी उन्होंने दो संदिग्ध लोगों को झाड़ियों के पास खड़े देखा। पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम शिराज अली शेख उर्फ हाफिजुल शेख (निवासी- काका होटल, पहाड़गंज, नई दिल्ली, स्थायी पता- दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल) बताया।
अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार
पुलिस ने जब शिराज की तलाशी ली, तो उसके पास से एक देसी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। जब उससे हथियार रखने का कारण पूछा गया, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा 25/54/59 के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड और चोरी का तरीका
पूछताछ में शिराज ने बताया कि वह पेशेवर अपराधी है और पहले भी 41 मामलों में शामिल रहा है, जिनमें दिन-दहाड़े चोरी, रात में सेंधमारी और एनडीपीएस से जुड़े मामले शामिल हैं। उसने बताया कि वह हाल ही में दिसंबर 2024 में जेल से बाहर आया था और पहाड़गंज स्थित एक होटल में ₹2000 प्रतिदिन किराए पर रह रहा था।
उसका तरीका यह था कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर उन घरों की रेकी करता था, जो घनी बस्तियों में होने के बावजूद सुनसान रहते थे। मौका मिलते ही वह चोरी को अंजाम देता और अपराध के बाद झाड़ियों में हथियार छिपाकर भीड़ में गायब हो जाता। फिर वह हवाई जहाज से पश्चिम बंगाल भाग जाता और कुछ समय बाद वापस आकर दोबारा चोरी करता।
पुलिस की अगली कार्रवाई
पुलिस अब शिराज के फरार साथी कालू की तलाश में जुटी है, जो वारदात के दौरान मौके से भाग निकला था।
बरामदगी:
1. एक देशी कट्टा
2. तीन जिंदा कारतूस
इस पूरी कार्रवाई में एसआई धर्मेंद्र, एचसी सुशील, कांस्टेबल पवन (थाना किशनगढ़) और एचसी अजय, एचसी सुनील, कांस्टेबल अंशुल (एंटी बर्गलरी सेल) की अहम भूमिका रही।
– अकांक्षा यादव, आईपीएस
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, दक्षिण-पश्चिम जिला, नई दिल्ली
