सीमापुरी में खुलेआम स्मैक का कारोबार
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जिम्मेदार पुलिसकर्मी बने मौन दर्शक, माफियाओं के हौसले बुलंद
नई दिल्ली।
राजधानी का सीमापुरी थाना क्षेत्र नशे के कारोबार का अड्डा बनता जा रहा है। (बीट-8) ई-44 की झुग्गियों और जी.पी. पब्लिक स्कूल के सामने गली, नई सीमापुरी में राहुल नामक व्यक्ति व उसके गुर्गे खुलेआम स्मैक बेच रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर पुलिस की चुप्पी किसके इशारे पर है?
बीट के जिम्मेदार भी कटघरे में
इस बीट की जिम्मेदारी मुकेश धामा, सुनील, अजीत और राजूद्दिन पर है। इनके रहते हुए धड़ल्ले से स्मैक की बिक्री होना साफ संकेत देता है कि या तो यह सब इनकी मिलीभगत से हो रहा है या फिर यह लोग अपनी ड्यूटी निभाने में पूरी तरह नाकाम हैं। दोनों ही स्थितियों में यह पुलिसकर्मी दोषी हैं और इन पर भी सख्त कार्रवाई अनिवार्य है।
अपराध और असुरक्षा बढ़ी
स्मैक का फैलता जाल न केवल युवा पीढ़ी को बर्बादी और मौत की ओर धकेल रहा है, बल्कि इलाके में चोरी, लूटपाट, घरेलू हिंसा और अपराध को भी बढ़ावा दे रहा है। यह स्थिति न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राजधानी की कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी सवालिया निशान खड़े कर रही है।
आपसी संघर्ष में हुई थी हत्या
इस बीट में पूर्व में नशा माफियाओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई में एक व्यक्ति की हत्या भी हो चुकी है। इसके बावजूद पुलिस ने सबक लेने के बजाय चुप्पी साध रखी है। आज हालात यह हैं कि स्मैक का गोरखधंधा खुलेआम और बेखौफ जारी है।
नागरिकों की मांग: सख्त कार्रवाई हो
स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। लोगों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि न केवल राहुल और उसके गुर्गों को सलाखों के पीछे डाला जाए, बल्कि बीट संभाल रहे मुकेश धामा, सुनील, अजीत और राजूद्दिन को भी तत्काल निलंबित कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
