दिल्ली ब्रेकिंग

रोजगार और कौशल का मजबूत केंद्र बनकर उभरी डीएसईयू, युवाओं को मिल रहे बेहतर करियर के अवसर

शेयर करें:

कौशल आधारित शिक्षा ही आत्मनिर्भर भारत और रोजगार का सबसे मजबूत आधार : डॉ. पंकज लाठर

स्वदेश प्रेम / शान मोहम्मद सिद्दीकी

नई दिल्ली, द्वारका। बदलते रोजगार परिदृश्य में कौशल आधारित शिक्षा की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए Delhi Skill and Entrepreneurship University (डीएसईयू) युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। विश्वविद्यालय के 20 से अधिक परिसरों में प्रतिवर्ष 15 हजार से अधिक विद्यार्थी तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से अपने भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।

डीएसईयू के डायरेक्टर (पब्लिक रिलेशन्स) डॉ. पंकज लाठर ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगार के लिए पूरी तरह सक्षम बनाना है। इसके लिए कक्षा शिक्षण के साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण, आधुनिक वर्कशॉप, इंडस्ट्री विजिट, अप्रेंटिसशिप और लाइव प्रोजेक्ट्स पर विशेष जोर दिया जाता है।

उन्होंने बताया कि डीएसईयू की सबसे बड़ी विशेषता उसका मजबूत इंडस्ट्री कनेक्ट है। विश्वविद्यालय समय-समय पर उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रमों को अपडेट करता है, जिससे विद्यार्थियों को नई तकनीकों और रोजगार के अवसरों की बेहतर जानकारी मिलती रहे। साथ ही करियर काउंसलिंग, सॉफ्ट स्किल, कम्युनिकेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।

डॉ. लाठर ने कहा कि नरेंद्र मोदी के स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया अभियान देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार भी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा कौशल विकास मंत्री आशीष सूद के नेतृत्व में युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा और रोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट सेल देश की प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ मिलकर नियमित रूप से कैंपस प्लेसमेंट अभियान आयोजित करता है। विद्यार्थियों को इंटरव्यू की तैयारी, रिज्यूमे लेखन, कम्युनिकेशन स्किल और प्रोफेशनल व्यवहार का प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ रोजगार प्राप्त कर सकें।

डॉ. लाठर ने कहा कि डिप्लोमा एवं तकनीकी शिक्षा को किसी भी दृष्टि से कमतर नहीं आंकना चाहिए। आज उद्योगों को ऐसे प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता है, जो कम समय में कार्य की जिम्मेदारियां संभाल सकें। कौशल आधारित शिक्षा युवाओं को कम लागत में बेहतर करियर और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करती है।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग, बी-टेक, डिप्लोमा, कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थकेयर, हॉस्पिटैलिटी, रिटेल, डिजिटल मीडिया, बैंकिंग, फाइनेंस, लॉजिस्टिक्स और बिजनेस मैनेजमेंट सहित अनेक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

अंत में डॉ. लाठर ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे समय की मांग के अनुरूप कौशल आधारित शिक्षा को अपनाएं। उन्होंने कहा कि यही शिक्षा युवाओं को रोजगार, आत्मनिर्भरता और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम है।

आगे क्या पढ़ें AI

अपनी राय रखें