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“जानकारी ही बचाव का सबसे सशक्त माध्यम” – अपर जिला जज दानिश हसनैन

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स्वदेश प्रेम, ब्यूरो उत्तर प्रदेश – रमज़ान अली

गोंडा। महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर जागरूकता ही उन्हें हर प्रकार के शोषण से बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है। इसी उद्देश्य के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में रघुकुल महिला विद्यापीठ डिग्री कॉलेज में महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण विषय पर विधिक साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपर जिला जज व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दानिश हसनैन ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “कानूनी अधिकारों की जानकारी ही बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है। महिलाएं अगर अपने अधिकारों के प्रति सजग होंगी, तो कोई भी उनका शोषण नहीं कर सकता।” उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को अपने कर्तव्यों और अधिकारों की समझ होनी चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें।

सशक्त नारी, सुरक्षित समाज

दानिश हसनैन ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें न केवल खुद के अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने बल दिया कि महिलाओं को अपने विचारों को खुलकर व्यक्त करना चाहिए और बंदिशों से मुक्त होकर अपनी बात कहनी चाहिए।

अन्य अतिथियों का योगदान

कार्यक्रम में कई प्रमुख अधिकारियों और वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
• नायब तहसीलदार सदर अहमद हसन, महिला थानाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, बाल संरक्षण अधिकारी चंद्रमोहन वर्मा ने महिलाओं के कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
• असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल बृज लाल तिवारी और वन स्टॉप सेंटर प्रभारी चेतना सिंह ने सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और कानूनों के बारे में जानकारी दी।

संस्कृतिक प्रस्तुतियां और सम्मान समारोह

कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुई, जिससे पूरे वातावरण में ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ।

कॉलेज के मुख्य नियंता हरिनाथ सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और विधिक साक्षरता को समाज के लिए आवश्यक बताया। कार्यक्रम का संचालन टेली लॉ पैनल अधिवक्ता अविनाश चंद्र श्रीवास्तव ने किया।

कार्यक्रम में मौजूद अन्य गणमान्य व्यक्ति

इस अवसर पर कॉलेज की प्राध्यापक डॉ. उमा पाठक, डॉ. नीतू चंद्रा, शेफाली पांडेय, डिप्टी डिफेंस काउंसिल अनिमेष चतुर्वेदी, असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल प्रभात श्रीवास्तव, विधिक सेवा प्राधिकरण के वरिष्ठ लिपिक मुकेश कुमार एवं कन्हैयालाल तिवारी सहित कॉलेज का समस्त स्टाफ, छात्राएं एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि कानूनी जानकारी और जागरूकता ही महिलाओं को सशक्त बना सकती है। यदि हर महिला अपने अधिकारों को समझे और उन्हें सही तरीके से लागू करे, तो समाज में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन संभव है।

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