स्वदेश प्रेम / ब्यूरो उत्तर प्रदेश रमज़ान अली
गोंडा। सोमवार को जिलाधिकारी नेहा शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पर्यावरण समिति एवं जिला गंगा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, वेटलैंड संरक्षण, कूड़ा निस्तारण, अवैध खनन और जलस्रोतों की स्वच्छता जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
वृक्षारोपण और जीयोटैगिंग पर जोर
बैठक के दौरान डीएम ने निर्देश दिया कि वर्ष 2024 में किए गए वृक्षारोपण की 100% जीयोटैगिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जो पौधे खत्म हो गए हैं, उनकी जगह नए पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी विभागों को अपने-अपने लक्ष्य के सापेक्ष वृक्षारोपण की समीक्षा करने और उसकी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
वेटलैंड संरक्षण और जलकुंभी निस्तारण के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिले में स्थित वेटलैंड्स (आर्द्रभूमि) को अतिक्रमण एवं जलकुंभी से मुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को यह भी निर्देश दिया कि जो वेटलैंड नष्ट हो चुके हैं, उन्हें पुनर्जीवित करने की योजना बनाई जाए। मत्स्य विभाग, कृषि विभाग और एनआरएलएम विभाग को जलकुंभी के समुचित निस्तारण के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
नगरपालिका को कूड़ा निस्तारण में सख्ती बरतने के निर्देश
डीएम ने नगरपालिका गोण्डा को शहर में निकलने वाले कूड़े का समयबद्ध और व्यवस्थित निस्तारण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, सिंचाई विभाग और नगरपालिका को मंडे नाले की सफाई कराने के निर्देश भी दिए गए।
अवैध खनन और ईंट भट्ठों पर सख्ती
खनन अधिकारी को जनपद में संचालित सभी ईंट भट्ठों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि वे सभी नियमों का पालन कर रहे हैं। साथ ही, डीएम ने अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने और किसी भी स्थान पर अवैध मिट्टी खनन न होने देने के कड़े निर्देश दिए।
बैठक में मौजूद अधिकारीगण
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन, प्रभागीय वनाधिकारी, डीसी मनरेगा, खनन अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी सत्येंद्र सिंह, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका गोण्डा और नगर पंचायत सहित कई अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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