स्वदेश प्रेम / दिल्ली
प्रधान संपादक : शान मोहम्मद सिद्दीकी
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को ठगता था। गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं, जो एक मैलिशियस .APK ऐप के जरिए लोगों के बैंक खातों तक अवैध पहुंच बनाकर उनके पैसे निकाल लेते थे। पुलिस ने गिरोह के पास से पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें पीड़ितों की संवेदनशील वित्तीय जानकारी मिली है, जिसमें मोबाइल नंबर, सीवीवी कोड और पैन कार्ड डिटेल्स शामिल हैं।
कैसे होती थी ठगी?
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर फ्लैश करता था। जब कोई व्यक्ति अपनी किसी समस्या के समाधान के लिए दिए गए नंबर पर कॉल करता, तो गिरोह के सदस्य खुद को कस्टमर सपोर्ट अधिकारी बताते और शिकायत दर्ज कराने के लिए एक .APK फाइल भेजते थे। इस ऐप को इंस्टॉल करने के बाद ठग पीड़ित के मोबाइल का पूरा नियंत्रण हासिल कर लेते थे और बैंक खाते से पैसे निकाल लेते थे।
40 लाख की ठगी का मामला आया सामने
07 जनवरी 2025 को डीआरडीओ के एक सेवानिवृत्त वैज्ञानिक ने गूगल पर याहू कस्टमर केयर का नंबर खोजा और वहां मिले नंबर पर कॉल किया। इसके बाद ठगों ने उन्हें एक फर्जी फॉर्म भरने के बहाने एक .APK फाइल व्हाट्सएप पर भेजी। जैसे ही उन्होंने ऐप इंस्टॉल किया, ठगों ने उनके बैंक खाते की जानकारी चुरा ली। सात दिनों तक उनके खाते से पैसे निकाले गए और कुल ₹40 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।
जांच और छापेमारी से खुलासा
पुलिस ने जांच के दौरान कॉल रिकॉर्ड, बैंकिंग लॉग्स और गूगल से मिली रिपोर्ट्स का विश्लेषण किया। जांच में पाया गया कि यह ठगी झारखंड के देवघर, जामताड़ा और राजस्थान के मेवात क्षेत्र से ऑपरेट हो रही थी।
तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने झारखंड और राजस्थान में छापेमारी कर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका
1. इकबाल अंसारी (27 वर्ष), झारखंड – गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर विज्ञापन डालता था, कॉल मैनेज करता था और पीड़ितों को .APK फाइल भेजकर उनके बैंक खातों में बेनिफिशियरी जोड़ता था।
2. साजिद खान (32 वर्ष), राजस्थान – फर्जी नौकरियों के नाम पर लोगों से बैंक खाते खुलवाता था, जिससे ठगी के पैसे ट्रांसफर किए जाते थे।
3. सलमान खान (24 वर्ष), उत्तर प्रदेश – सोशल मीडिया से लोगों का डेटा निकालकर कॉल करता और ठगी का शिकार बनाता था।
4. नरेंद्र कुमार (29 वर्ष), राजस्थान – ठगी के पैसे को एटीएम से निकालने का काम करता था।
बरामदगी और मामले का खुलासा
• पांच स्मार्टफोन जब्त किए गए, जिनमें पीड़ितों की संवेदनशील जानकारी मिली।
• यह गिरोह पूरे भारत में सैकड़ों लोगों को ठग चुका था।
• दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की अपील
दिल्ली पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और अनजान कस्टमर केयर नंबरों पर कॉल न करने की सलाह दी है। साथ ही, किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करने की अपील की गई है। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
(रिपोर्ट: स्वदेश प्रेम )
