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थाना वजीराबाद के अंतर्गत वेस्ट संत नगर में कथित अवैध जुआ-सट्टा कारोबार के आरोप

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स्थानीय लोगों का दावा—शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं, निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग तेज

सूत्रों के मुताबिक एस.एच.ओ आशीष कुमार ओर बीट अफसर नेकी राम के आशीर्वाद से खुलेआम चल रहा ये अवैध सट्टा तितली कबूतर का गोरख धंधा।

स्वदेश प्रेम / शंकर दयाल

नई दिल्ली। उत्तर दिल्ली के थाना वजीराबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वेस्ट संत नगर स्थित 25 फूटा रोड, सोम बाजार (पैराडाइज पब्लिक स्कूल के पास) में कथित रूप से अवैध जुआ, सट्टा तथा तितली-कबूतर जैसे गैरकानूनी खेल संचालित किए जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लक्ष्मण नामक व्यक्ति अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर लंबे समय से इस कथित अवैध कारोबार का संचालन कर रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस कथित गतिविधि के कारण क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है और मेहनतकश लोगों की गाढ़ी कमाई जुए-सट्टे में बर्बाद हो रही है। उनका कहना है कि ऐसे अवैध कारोबार न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि समाज और परिवारों पर भी गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार संबंधित पुलिस अधिकारियों को शिकायतें दीं और विभिन्न समाचार माध्यमों तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी मामला उठाया, लेकिन उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि उन्हें अब तक प्रभावी कार्रवाई होती दिखाई नहीं दी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होना शेष है।

सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि मामले में कार्रवाई को लेकर थाना स्तर पर अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध जुआ और सट्टा गतिविधियां संचालित होती हैं तो इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब एवं मेहनतकश परिवारों को उठाना पड़ता है। इससे आर्थिक संकट, पारिवारिक तनाव, युवाओं में गलत प्रवृत्तियों का बढ़ना तथा क्षेत्र में अपराध की आशंका भी बढ़ सकती है।

स्थानीय नागरिकों ने दिल्ली पुलिस, जिला प्रशासन तथा संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, यदि किसी सरकारी कर्मचारी या पुलिसकर्मी की भूमिका भी जांच में सामने आती है, तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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